चीन का गोल्ड पर वार: चीन के सेंट्रल बैंक ने 15 महीनों तक सोना खरीदा। जनवरी 2026 तक चीन का गोल्ड रिजर्व 74.19 मिलियन ट्रॉय औंस हो गया है।


 चीन के सेंट्रल बैंक ने 15वें महीने सोना खरीदने का दावा किया है, जिसके बाद दुनिया भर के आर्थिक बाजारों में हड़कंप मच गया, पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना के बताए गए आंकड़ों के अनुसार जनवरी में भी चीन ने अपने खजाने में बढ़ोतरी होने का दावा किया है, सूट्रों के मुताबिक जनवरी के अंत तक चीन के पास सोने की मात्रा कई गुना बढ़कर 74.19 मिलियन फाइन ट्रॉय औंस हो गई, जो एक महीने पहले 74.15 मिलियन ट्रॉय औंस थी.

अब चीन का स्वर्ण भंडार (Gold Reserve) 369.58 अरब डॉलर हो गया है। चीन के कुल गोल्ड रिजर्व की वैल्यू में भी बड़ा इजाफा हुआ है। सोने को लंबे समय तक निवेश के लिए एक सुरक्षित विकल्प माना गया है। जनवरी के महीने में भी गोल्ड रेट में भारी उछाल देखने को मिला था, लेकिन जनवरी के अंत में अमेरिका के फेडरल रिजर्व के अगले चेयरमैन के रूप में केविन वार्श (Kevin Warsh) के नामांकन के बाद सोने की कीमतों में अचानक भारी गिरावट दर्ज की गई।

अगर हम आज के सोने के भाव की बात करें, तो सोमवार को सोना 4,403.24 डॉलर से टूटकर नीचे गिर गया। इसके बाद बाजार में अच्छी-खासी रिकवरी (सुधार) देखने को मिली, लेकिन अब जाकर कीमतें 4,960 डॉलर के स्तर पर कुछ स्थिर होती दिख रही हैं। सोने के इस उतार-चढ़ाव ने ग्लोबल मार्केट में तहलका मचा रखा है और पूरी दुनिया में सोने की दरें आसमान छू रही हैं।”

“वहीं अगर चीन की बात करें, तो वह अपने गोल्ड रिजर्व (स्वर्ण भंडार) को बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। साल 2024 में ‘पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना’ ने 18 महीनों से चली आ रही सोने की खरीदारी पर कुछ समय के लिए रोक लगाई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद चीन ने इसे फिर से शुरू कर दिया। आज भी चीन बड़े पैमाने पर सोने की खरीदारी के पीछे लगा हुआ है।

अगर हम भारत के आम व्यापारियों (जो सोने का कारोबार करते हैं) की बात करें, तो सोने की कीमतें इतने कम समय में, यानी महज़ कुछ ही महीनों में, 3 से 5 गुना तक बढ़ गई हैं। सोने ने भारतीय बाज़ार के साथ-साथ ग्लोबल मार्केट में भी तहलका मचा रखा है; इसके दाम कभी अचानक ऊपर चले जाते हैं तो कभी नीचे। इस उतार-चढ़ाव ने वैश्विक बाज़ारों में एक तरह का वित्तीय संकट (Financial Crisis) पैदा कर दिया है। फिलहाल आज भी सोने का भाव सातवें आसमान पर बना हुआ है।”

बाज़ार की वर्तमान स्थिति (Contextual Insights):

  • भारतीय बाज़ारों पर असर: Moneycontrol की रिपोर्टों के अनुसार, सोने की कीमतों में अत्यधिक उछाल से छोटे और मध्यम स्तर के जौहरियों (Jewellers) के लिए स्टॉक मैनेज करना चुनौतीपूर्ण हो गया है।
  • ग्लोबल अस्थिरता: The Economic Times के मुताबिक, भू-राजनीतिक तनाव (Geopolitical tensions) और डॉलर की घटती-बढ़ती ताकत सोने की कीमतों को “सातवें आसमान” पर पहुँचा रही है।
  • व्यापारियों की चिंता: कीमतों में अचानक 3-5 गुना की वृद्धि ग्राहकों की खरीदारी क्षमता को कम करती है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बनी रहती है।

China’s gold reserves have reached 74.19 million troy ounces, reflecting a sustained acquisition strategy by the People’s Bank of China over the past 15 months. This increase represents a 35% rise in gold and coin purchases, signaling China’s commitment to enhancing its gold reserve as a strategic asset. As gold rates fluctuate globally, the trend in China’s gold reserves significantly influences market dynamics, contributing to both local and international economic conditions. The current gold price remains elevated, creating a ripple effect in the global gold reserve landscape.

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