
DNT समाज का जयपुर में विधानसभा घेराव
धरना स्थल : बाईस गोदाम, पेट्रोल पंप के पीछे, जयपुर “10 FEB 2026 स्थान: बाईसा गोदाम पेट्रोल पंप के पीछे, बाईसा गोदाम, जयपुर”
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जयपुर में DNT समाज का महा आंदोलन, 10 फरवरी 2026 राजस्थान में डिनोटिफाइड, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू (DNT) समाज ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन तेज कर दिया है। शिक्षा, रोजगार और आरक्षण जैसी मांगों को लेकर समाज के लोग सड़कों पर उतर आए हैं और सरकार से ठोस निर्णय की मांग कर रहे हैं।
जयपुर में DNT समाज का महा आंदोलन, 10 फरवरी 2026
“राजस्थान में पिछले कई वर्षों से राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति ने डीएनटी समाज के लिए अपनी आवाजों को बुलंद करते देखा गया है। डीएनटी समाज (घुमंतू, अर्ध-घुमंतू और विमुक्त जनजाति) के लिए अलग-अलग समय में कई लोगों ने इसकी आवाज उठाई। प्रदेश भर में लाखों की संख्या में डीएनटी समुदाय मौजूद हैं, लेकिन इन समाजों की आवाज को कोई नहीं सुनता।
भारत में विमुक्त, घुमंतू और अर्ध-घुमंतू जनजाति (DNT) आंदोलन अपनी ऐतिहासिक पहचान को पुनः प्राप्त करने और संवैधानिक अधिकारों को पाने के लिए एक लंबे समय से संघर्षरत है। 1871 के ‘क्रिमिनल ट्राइब्स एक्ट’ (Criminal Tribes Act) के तहत ब्रिटिश काल में इन समुदायों को “जन्मजात अपराधी” माना जाता था, जिसे 1952 में स्वतंत्र भारत सरकार ने समाप्त कर दिया।
जयपुर में DNT समाज का महा आंदोलन, 10 फरवरी 2026
DNT Movement डिनोटिफाइड, घुमंतू और अर्द्ध-घुमंतू जातियों द्वारा चलाया जा रहा एक सामाजिक आंदोलन है, जिसमें ये समुदाय शिक्षा, रोजगार, आरक्षण, भूमि अधिकार और सामाजिक पहचान की मांग कर रहे हैं। राजस्थान सहित देश के कई हिस्सों में यह आंदोलन लंबे समय से सरकारी उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठाने का माध्यम बना हुआ है।

“राजस्थान में राष्ट्रीय पशुपालक संघ [RPS] और डीएनटी संघर्ष समिति ने राजस्थान के कई अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन किया, जिसमें से प्रमुख आंदोलन नवंबर 2025 में पाली जिले के नाडोल-हेमावास मार्ग पर हुआ था। उस आंदोलन में डीएनटी मंत्रालय बनाने, भूमि पट्टा, शिक्षा और आरक्षण की प्रमुख मांगें रखी गई थीं। यह आंदोलन समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए किया गया था।”
DNT आंदोलन की प्रमुख मांगें
स्थान: पाली [ नाडोल-हेमावास मार्ग ], राजस्थान
समय: नवंबर 2025
प्रमुख मांगें:
- डीएनटी मंत्रालय का गठन
- सरकारी भूमि पट्टा
- पंचायत / शहरी निकायों में सीटें
- और नौकरी / शिक्षा में 10% आरक्षण

भीलवाड़ा आंदोलन 1 अगस्त 2025
आजाद चौक में आयोजित ‘महा-बहिष्कार आंदोलन’ के साथ अपने चरम पर देखा गया। राष्ट्रीय पशुपालक संघ और DNT संघर्ष समिति के नेतृत्व में हजारों लोगों ने इस विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
भीलवाड़ा आंदोलन के मुख्य बिंदु:
- आयोजन स्थल और समय: 1 अगस्त 2025 को भीलवाड़ा के आजाद चौक में समाज की एक विशाल सभा हुई, जिसे ‘महा-बहिष्कार आंदोलन’ का नाम दिया गया।
- प्रभावी नेतृत्व: आंदोलन का नेतृत्व लालजी राईका (राष्ट्रीय अध्यक्ष, राष्ट्रीय पशुपालक संघ) और रतन नाथ कालबेलिया (प्रदेशाध्यक्ष, विमुक्त जाति परिषद) ने किया।
- प्रमुख उद्देश्य: आंदोलनकारियों का मुख्य उद्देश्य प्रशासन और राजनीति में अपनी उपेक्षा के खिलाफ आवाज उठाना था। समाज ने चेतावनी दी थी कि यदि उनकी 10-सूत्रीय मांगें नहीं मानी गईं, तो वे आगामी चुनावों का बहिष्कार करेंगे और सरकारी कैंपों (जैसे प्रमाण पत्र बनाने वाले शिविर) का बॉयकॉट करेंगे।
आंदोलन की 10 प्रमुख मांगें (संक्षेप में):
जयपुर में DNT समाज का महा आंदोलन, 10 फरवरी 2026
- आरक्षण: सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में 10% पृथक आरक्षण。
- राजनीतिक हिस्सेदारी: पंचायती राज और शहरी निकायों में 10% सीटें आरक्षित करना。
- भूमि अधिकार: समाज के लोगों को उनकी बस्तियों के लिए आवासीय पट्टे प्रदान करना।
- शिक्षा: DNT बच्चों के लिए मॉडल स्कूलों की स्थापना और विदेश में पढ़ाई के लिए विशेष बजट।
- जाति सूची में सुधार: देवासी, रायका और रेबारी जैसे नामों की विसंगतियों को दूर करना ताकि जाति प्रमाण पत्र आसानी से बन सकें।
*डीएनटी का दूसरा और देश का सबसे बड़ा डीएनटी आंदोलन।
“राजस्थान के पाली जिले के बालराई गाँव में देवासी समाज के आराध्य देव श्री दाता डोवेश्वर महादेव मंदिर, बालराई में डीएनटी समाज का और देश का सबसे बड़ा आंदोलन किया गया था, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से डीएनटी समुदाय के लोग इस आंदोलन में शामिल हुए थे। इस आंदोलन में डीएनटी समुदायों ने लगभग 19 घंटे तक एनएच-62 जाम करके रखा था। बाद में पुलिस और भीड़ आपस में भिड़ गई थी, लेकिन पुलिस ने समय रहते भीड़ को शांत किया। सरकार ने सभी मांगों को मानने का आश्वासन दिया था और उस समय सरकार ने आंदोलन खत्म करने का निवेदन किया। डीएनटी शीर्ष नेतृत्व ने कुछ समय के लिए आंदोलन स्थगित किया, लेकिन कुछ समय बाद राजस्थान सरकार ने समाज के लिए आंदोलन कर रहे 6 लोगों पर एफआईआर (FIR) करके जेल भेज दिया। उन लोगों को 18 दिन तक जेल में रखा गया और 18 दिन के बाद वे समाज के 6 हीरो जेल से बाहर आए।”
“जयपुर में DNT समाज का महा आंदोलन, 10 फरवरी 2026
समाज के हीरो: 1. सादलाराम देवासी पिछावा, 2. वजाराम देवासी बालराई, 3. भावाराम देवासी किरवा, 4. चैनाराम देवासी कोसेलाव, 5.दौलाराम गोयल (जोगी) 6. रमेश गाडोलिया {लोहार} किरवा। डीएनटी के इतिहास के पन्नों में इनका नाम स्वर्णिम अक्षरों में लिखा जाएगा।”
अगला पड़ाव: जयपुर कूच – डीएनटी समाज का महा-आंदोलन
डीएनटी विधानसभा घेराव: जयपुर जयपुर में DNT समाज का महा आंदोलन, 10 फरवरी 2026
जयपुर में DNT समाज का महा आंदोलन, 10 फरवरी 2026 डीएनटी के शीर्ष नेतृत्व ने काफी पहले ही यह चेतावनी दी थी कि सरकार उनकी लगातार अनदेखी कर रही है और उनकी प्रमुख मांगों को मानने से मुकर रही है। इसी के चलते राष्ट्रीय पशुपालक संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री लालसिंह जी राइका एवं उनके सहयोगी श्री रतननाथ जी कालबेलिया ने 10 फरवरी 2026 को राजस्थान की राजधानी जयपुर में विधानसभा घेराव का निर्णय लिया है। इसके तहत 10 फरवरी 2026 को प्रदेशभर से लाखों की संख्या में युवा जयपुर पहुंचकर विधानसभा का घेराव करेंगे